Gehun ki kheti ki puri jankari — बुवाई से कटाई तक
गेहूं भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है और रबी मौसम की मुख्य फसल है। यह उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में उगाई जाती है।
अक्टूबर के आखिर से नवंबर के बीच बुवाई करें। उन्नत किस्में: HD-2967, PBW-343, GW-322। बीज को Carbendazim या Trichoderma से उपचारित करें।
खेत की 2-3 जुताई करें, पाटा लगाकर समतल करें। पंक्तियों में 20-22 सेमी की दूरी पर बुवाई करें। बीज 4-5 सेमी गहराई पर डालें।
गेहूं में 4-5 सिंचाई जरूरी: पहली क्राउन रूट (20-25 दिन), दूसरी कल्ले फूटते समय (40-45 दिन), तीसरी फूल आने पर (65-70 दिन), चौथी दाना बनते समय (85-90 दिन), पांचवीं दाना भरते समय।
बुवाई के समय 25-30 किग्रा DAP + 15-20 किग्रा पोटाश/एकड़। पहली सिंचाई पर 40-50 किग्रा यूरिया। जब दाने सख्त हो जाएं और पौधे पीले पड़ जाएं तब कटाई करें। कटाई के बाद धूप में सुखाएं।
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यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। खेती, दवा, पशु उपचार, बीमा, ऋण और सरकारी योजना से जुड़े अंतिम निर्णय से पहले स्थानीय कृषि विभाग, पशु चिकित्सक, बैंक, पंचायत, CSC या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से पुष्टि करें।