Mitti ki jaanch kyon zaroori hai — मिट्टी परीक्षण गाइड
मिट्टी की जांच के बिना खाद डालना ऐसा है जैसे बिना जांच के दवा खाना। मिट्टी जांच से पता चलता है कि आपकी मिट्टी में कौन-से पोषक तत्वों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, आयरन आदि) की कमी है और कौन-सी खाद कितनी मात्रा में डालनी चाहिए।
फायदा: सही खाद से फसल अच्छी होती है और खाद पर खर्च कम होता है।
फसल कटाई के बाद और अगली बुवाई से पहले। खाद या उर्वरक डालने के तुरंत बाद सैंपल न लें।
खेत के 8-10 अलग-अलग जगहों से V आकार में 15-20 सेमी गहराई से मिट्टी लें। सभी सैंपल को मिलाकर एक मिश्रण बनाएं। इस मिश्रण से 500 ग्राम मिट्टी लेकर साफ कपड़े की थैली में भरें।
नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग कार्यालय, या मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में जमा करें।
| पैरामीटर | सामान्य स्तर | मतलब |
|---|---|---|
| pH | 6.0 - 7.5 | 7 से कम = अम्लीय, 7 से ज्यादा = क्षारीय |
| नाइट्रोजन (N) | 280-560 किग्रा/हेक्टेयर | पत्तियों की वृद्धि के लिए जरूरी |
| फास्फोरस (P) | 12-25 किग्रा/हेक्टेयर | जड़ विकास और फूल-फल के लिए |
| पोटाश (K) | 140-340 किग्रा/हेक्टेयर | रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए |
| ऑर्गेनिक कार्बन | 0.5-0.75% | मिट्टी की उर्वरा शक्ति |
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यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। खेती, दवा, पशु उपचार, बीमा, ऋण और सरकारी योजना से जुड़े अंतिम निर्णय से पहले स्थानीय कृषि विभाग, पशु चिकित्सक, बैंक, पंचायत, CSC या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से पुष्टि करें।