Dhan ki kheti ki puri jankari — बुवाई से कटाई तक
धान (Paddy/Rice) भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है। यह खरीफ मौसम की मुख्य फसल है और भारत के अधिकांश राज्यों में उगाई जाती है।
अच्छी धान की फसल के लिए सही किस्म का चयन, सही समय पर नर्सरी तैयार करना, उचित रोपाई, पानी का सही प्रबंधन और समय पर खाद-उर्वरक देना बहुत जरूरी है।
अच्छी पैदावार के लिए प्रमाणित और उन्नत किस्म का बीज चुनें। बीज को 8-10 घंटे पानी में भिगोकर रखें, फिर छांव में सुखाएं। बुवाई से पहले बीज उपचार (Carbendazim या Trichoderma) जरूर करें।
एक एकड़ धान के लिए 800-1000 वर्ग फीट (2.5-3 कट्ठा) नर्सरी पर्याप्त है। नर्सरी की मिट्टी भुरभुरी और समतल होनी चाहिए। बीज दर: 8-10 किग्रा/एकड़। नर्सरी में 20-25 दिन में पौध तैयार हो जाती है।
खेत की 2-3 बार जुताई करें और पानी भरकर समतल करें। 20-25 दिन की पौध की रोपाई करें। पंक्ति से पंक्ति की दूरी 20 सेमी और पौध से पौध की दूरी 15 सेमी रखें। एक स्थान पर 2-3 पौधे लगाएं।
रोपाई के बाद 2-3 सप्ताह तक खेत में 2-3 इंच पानी बनाए रखें। फिर 3-4 दिन पानी सुखाएं और दोबारा भरें। फूल आने के समय (50-60 दिन बाद) पानी की कमी न होने दें। कटाई से 10-15 दिन पहले पानी निकाल दें।
मिट्टी जांच के अनुसार खाद डालें। सामान्य सिफारिश: आखिरी जुताई में 50-60 किग्रा यूरिया, 25-30 किग्रा DAP, 15-20 किग्रा पोटाश प्रति एकड़। रोपाई के 25-30 दिन बाद और 50-55 दिन बाद यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें।
जब 80-85% दाने पीले/सुनहरे हो जाएं तब कटाई करें। कटाई के बाद 2-3 दिन धूप में सुखाएं (नमी 12-14% तक लाएं)। सूखे और हवादार स्थान पर भंडारण करें। चूहों और कीड़ों से बचाव करें।
धान की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन-सी है?
चिकनी दोमट मिट्टी जिसमें पानी रोकने की क्षमता हो, धान के लिए सबसे अच्छी होती है।
एक एकड़ धान से कितनी पैदावार होती है?
अच्छे प्रबंधन से 20-30 क्विंटल प्रति एकड़ उपज ली जा सकती है। यह किस्म, मिट्टी और देखभाल पर निर्भर करता है।
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